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आयकर रिटर्न दाखिल करते समय सावधान! AI खोल रहा है गलत दावों की पोल
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आयकर रिटर्न दाखिल करते समय सावधान! AI खोल रहा है गलत दावों की पोल

Published: Jul 22, 2025 60 views min read
#GST
नई दिल्ली, 22 जुलाई 2025: आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करते समय करदाताओं को अब पहले से कहीं ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। आयकर विभाग ने एडवांस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का उपयोग शुरू किया है, जो गलत या फर्जी दावों को तुरंत पकड़ रहा है। इस तकनीक की मदद से उन रिटर्न्स की जांच हो रही है, जिनमें आय, खर्च, निवेश या छूट से जुड़े दावे संदिग्ध पाए गए हैं। आयकर विभाग के अनुसार, इस साल कई करदाताओं ने राजनीतिक दलों और ट्रस्टों को चंदा देने का दावा किया, लेकिन एआई की जांच में पता चला कि ऐसा कोई चंदा दिया ही नहीं गया। पहले रिटर्न दाखिल होने के बाद इस तरह की जांच होती थी, लेकिन अब प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। इस बार रिटर्न दाखिल करने के कुछ ही दिनों बाद एआई दावों का सत्यापन कर रहा है। *तेजी से रिफंड, मगर गलत दावों पर सख्ती* अगर रिटर्न में किए गए दावे सही पाए जाते हैं, तो आयकर विभाग एक सप्ताह के भीतर रिफंड जारी कर रहा है। लेकिन अगर दावों में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित पैन नंबर के आधार पर रिटर्न की गहन जांच शुरू हो जाती है। एआई तकनीक यह सुनिश्चित करती है कि आय, खर्च और निवेश से जुड़े दावे पूरी तरह सही हों। *करदाताओं के लिए सलाह* आयकर विशेषज्ञों का कहना है कि करदाता रिटर्न दाखिल करते समय सटीक जानकारी दें और छूट के दावों का पूरा ब्योरा रखें। गलत या फर्जी दावे करने से बचें, क्योंकि एआई की नजर से बचना अब मुश्किल है। दान, निवेश या अन्य छूट के दावों के लिए उचित दस्तावेज और रसीदें संभालकर रखें। आयकर विभाग ने करदाताओं से अपील की है कि वे रिटर्न दाखिल करने से पहले अपनी आय और खर्च से जुड़े सभी दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच कर लें। गलत दावे न केवल रिफंड में देरी का कारण बनಮ System: बन सकते हैं, बल्कि कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है। *करदाताओं के लिए महत्वपूर्ण सुझाव:* 1. *सही जानकारी दें*: आय, खर्च और निवेश का सटीक ब्योरा दें। 2. *दस्तावेज रखें*: दान, निवेश या छूट के दावों के लिए रसीदें और प्रमाण संभालें। 3. *जांच करें*: रिटर्न दखिल करने से पहले सभी दस्तावेजों की दोबारा जांच करें। 4. *विशेषज्ञ की सलाह लें*: जटिल मामलों में आयकर विशेषज्ञ की मदद लें। आयकर विभाग की यह नई तकनीक करदाताओं को पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ रिटर्न दाखिल करने के लिए प्रेरित कर रही है। सावधानी बरतें और अपने रिटर्न को सही रखें, ताकि रिफंड में देरी या जांच से बचा जा सके।

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